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यदि किया नियमों का उल्लंघन तो घर की बिजली हो जाएगी गुल

सेंट्रल डेस्क। मीटर से छेड़छाड़ करने वालों या फिर आवंटित लोड से अधिक बिजली की खपत करने वालों के लिए बुरी खबर है। जल्द ही आपके घरों में ऐसे मीटर लगाए जा सकते हैं जिन्हें छेड़ते ही आपके घर की बिजली कट जाएगी। अगर आप आवंटित लोड से अधिक बिजली की खपत करेंगे तब भी अपने आप आपके घर की बत्ती गुल हो जाएगी। यह व्यवस्था स्मार्ट मीटरिंग के तहत लागू करने की सिफारिश की गई है।

बिजली मंत्रालय ने स्मार्ट मीटर के लिए केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए) के चेयरमैन ए.के. बख्शी की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया था। हालांकि, इस प्रकार के मीटर के रखरखाव व इसके बिजनेस मॉडल को लेकर स्पष्ट नीति नहीं होने की वजह से मीटर निर्माता इसकी सफलता पर अभी से ही सवाल उठाने लगे हैं।

कमेटी की सिफारिश के मुताबिक, स्मार्ट मीटर में घरों की छतों पर सोलर के माध्यम से उत्पादित बिजली को भी ग्रिड से जोडऩे की सहूलियत मिल सकती है।

बख्शी के मुताबिक, आने वाले समय में बहुत सारे लोग छत पर सोलर के माध्यम से बिजली का उत्पादन कर सकते हैं। लेकिन जब वे छुट्टियों में बाहर जाएंगे तो उस बिजली का इस्तेमाल नहीं हो पाएगा। ऐसे में उसे ग्रिड से जोड़ा जा सकता है।

उन्होंने बताया कि स्मार्ट मीटर की परिकल्पना अभी शुरुआती चरण में है। अभी सिर्फ पुडुचेरी में इस प्रकार के मीटर लगाने की योजना है। कमेटी की सिफारिश के मुताबिक, फिलहाल बिजली मीटर से छेड़छाड़ करने पर तत्काल कोई कार्रवाई नहीं होती है। लेकिन स्मार्ट मीटर से छेड़छाड़ करते ही बिजली अपने-आप कट जाएगी।

अभी अगर किसी उपभोक्ता को तीन केवी लोड का आवंटन है और वह इस क्षमता से अधिक बिजली की खपत करता है तो भी बिजली कट नहीं होती है। लेकिन स्मार्ट मीटर उसे ऐसा नहीं करने देगा। बिजली का बिल नहीं देने पर बिजली कट करने के लिए वितरण कंपनियों के कर्मचारियों को उपभोक्ता के घर पर आने की जरूरत नहीं होगी।

स्मार्ट मीटरिंग व प्री-पेमेंट मीटर निर्माण से जुड़ी कंपनी सिक्योर मीटर लिमिटेड के वाइस प्रेसीडेंट एस.के. सिंघवी के मुताबिक देश के 14 राज्यों में स्मार्ट मीटर की पॉयलट परियोजना शुरू करने की बात कही जा रही है। उन्होंने बताया कि देश में स्मार्ट मीटर बनाने की टेक्नोलॉजी भी है और यहां के मीटर निर्माता विदेश के लिए इसे बना भी रहे हैं,


लेकिन भारत में इसके बिजनेस मॉडल को लेकर कुछ भी स्पष्ट नहीं होने से स्मार्ट मीटर के चलन में आने को लेकर अभी से शंका पैदा हो गई है। उन्होंने बताया कि इस प्रोजेक्ट के लिए राज्य सरकार को भी पैसे देने होंगे, लेकिन कई राज्य सरकारें इससे इनकार कर सकती हैं।

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Mr. Abhishek
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